इंजीनियर से पोस्ट ग्रेजुएट तक प्यून की परीक्षा देने पहुंचे: बोले-कोई काम छोटा नहीं होता,ये तो सरकारी नौकरी है;CGPSC ने पहली बार लिया एग्जाम

रायपुर30 मिनट पहलेलेखक: सुमन पांडेय

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में CGPSC ने भृत्य पद(चपरासी) के लिए परीक्षा ली। जब से प्रदेश बना है तब से ये पहला मौका था जब सरकारी तंत्र के सबसे छोटे पद के लिए CGPSC परीक्षा ले रहा है। मगर इस परीक्षा में जो खास बात रही है, वो ये रही कि इंजीनियर से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कह दिया कि कोई भी काम छोटा नहीं होता है। ये तो सरकारी नौकरी है।

दोपहर 12 बजे शुरु हुई परीक्षा दोपहर 2 बजे खत्म हुई। ये पहला चरण था। इसके बाद दूसरे चरण में हिंदी की परीक्षा भी होगी। इनकी तारीखों का ऐलान अभी नहीं किया गया है। इस पहले चरण की परीक्षा में छत्तीसगढ़ और भारत का सामान्य ज्ञान पूछा गया। सामान्य अंग्रेजी, गणित और छत्तीसगढ़ी भाषा के सवाल पूछे गए।

रायपुर में 50 से अधिक सेंटर बने।

रायपुर में 50 से अधिक सेंटर बने।

परिक्षार्थियों ने बताया कि सवाल काफी आसान थे। वैसे तो इस परीक्षा में शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास मांगी गई थी। मगर इंजीनियर से लेकर किसान तक परीक्षा देने आए थे। सभी की जिंदगी का एक ही मकसद नजर आया और वो था सरकारी नौकरी। परीक्षा देने सेंट पॉल स्कूल के सेंटर में आई अंकिता साहू ने कहा मैं ग्रैजूएट हूं, PGDCA किया है। सब इंस्पेक्टर की तैयारी कर रही हूं। 2018 से लगी हूं। इस बीच ये परीक्षा आई तो एग्जाम दे दिया है।

सरकारी नौकरी मिल जाएगी तो मेरे करियर के साथ परिवार का भविष्य भी सिक्योर हो जाएगा।

एग्जाम देने आई सचि शुक्ला ने कहा कि खाली बैठने से अच्छा चपरासी बनना है।

एग्जाम देने आई सचि शुक्ला ने कहा कि खाली बैठने से अच्छा चपरासी बनना है।

यहां तो इंजीनियर्स एग्जाम दे रहे
कैंडीडेट सचि शुक्ला ने कहा – परीक्षा में सवाल आसान थे, छत्तीसगढ़ी के सवाल बहुत अच्छे आए। मैं बीएड कर रही हूं। चपरासी बनने की परीक्षा देने के बारे में पूछे जाने पर बोलीं- बेरोजगारी बहुत है यहां तो इंजीनियरिंग कर चुके लोग परीक्षा देने आए हैं। अब खाली बैठने से अच्छा चपरासी बनना है।

सरकारी नौकरी की ख्वाहिश है।

सरकारी नौकरी की ख्वाहिश है।

प्राइवेट संस्था में चपरासी नहीं बनेंगे
कैंडिडेट टिकेश कुमार ने कहा-कोई काम छोटा नहीं होता, मैं ग्रैजुएट हूं। मगर चपरासी पद पर काम करने को राजी हूं, ये पूछे जाने पर कि क्या वो प्राइवेट संस्था में भी चपरासी का काम करने को राजी हैं तो टिकेश ने कहा कि सभी के मन में सरकारी नौकरी की चाहत होती है, मेरे मन भी है कि सरकारी नौकरी मिले तो ये काम कर लूंगा। हां लेकिन प्राइवेट में नहीं करूंगा।
91 पद और 2 लाख से ज्यादा आवेदन
प्यून भर्ती परीक्षा में इंजीनियरिंग, एमएससी और पोस्ट ग्रेजुएट डिग्रीधारियों ने भी आवेदन कर दिया। प्यून भर्ती के 91 पोस्ट के लिए 2 लाख से ज्यादा दावेदारों ने आवेदन किया है। परीक्षा देने भी पूरे प्रदेश में 80 प्रतिशत उम्मीदवार पहुंचे। अकेले रायपुर में 50 के करीब सेंटर बनाए गए थे। राजधानी में 26 हजार 181 कैंडिडेट्स ने इस परीक्षा के लिए रजिस्टर किया था, 20 हजार 293 कैंडिडेट्स ने परीक्षा रायपुर में दी है।

चपरासी पद का प्रश्नपत्र

चपरासी पद का प्रश्नपत्र

भैंस के बच्चे को क्या कहते हैं ?
छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़े भी सवाल चपरासी भर्ती परीक्षा में पूछे गए। ये भी पूछा गया कि छत्तीसगढ़ी में भैंस के बच्चे को क्या कहा जाता है। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ से जुड़े सवाल भी पूछे गए। कुल 150 नंबर के सवाल इस परीक्षा में पूछे गए थे। अब 50 नंबर की परीक्षा हिंदी लेखन की होगी।

Source link