एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल होंगे शिवसेना के सांसद? जानें अभी क्या हैं समीकरण

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Maharashtra CM Eknath Shinde.

Maharashtra News: महाराष्ट्र में शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में नई सरकार बन चुकी है। शिवसेना के अधिकांश विधायक तो पहले ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट में हैं, लेकिन फिलहाल सबकी नजर पार्टी के सांसदों पर टिकी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताहबिक, शिवसेना के सांसद बागी नेता एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल होने को लेकर असमंजस में हैं और अभी उन्होंने इस संबंध में कोई फैसला नहीं किया है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का हालांकि दावा है कि कम से कम 12 लोकसभा सदस्य उनके संपर्क में हैं।

’19 में से 12 विधायक पाला बदलने को तैयार’

BJP के एक केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि महाराष्ट्र में शिवसेना में विभाजन का लोकसभा पर भी असर पड़ेगा क्योंकि कुल 19 में से कम से कम 12 लोकसभा सदस्य पार्टी बदलने के लिए तैयार हैं। लोकसभा में शिवसेना के 19 सदस्यों में दादरा और नगर हवेली का एक सदस्य भी शामिल है। राज्यसभा में पार्टी के 3 सदस्य हैं। कल्याण से 2 बार लोकसभा सदस्य रहे शिंदे के बेटे श्रीकांत पहले ही अपने पिता के खेमे से जुड़ चुके हैं, जबकि यवतमाल से 5 बार की सांसद भावना गवली ने तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर हिंदुत्व के संबंध में बागी नेताओं की शिकायतों पर विचार करने का आग्रह किया है।

ED के निसाने पर हैं सांसद भावना गवली
खास बात यह है कि गवली अपने द्वारा चलाए जा रहे एक गैर-सरकारी संगठन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय यानी कि ED के निशाने पर हैं। गोवा में बागी विधायकों के साथ रहे 35 वर्षीय श्रीकांत से प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। लोकसभा सदस्यों का एक वर्ग असमंजस में है क्योंकि उनके निर्वाचन क्षेत्रों के कई विधायक शिंदे के पक्ष में थे और नई व्यवस्था के तहत विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता से आशंकित थे। लोकसभा में शिवसेना के नेता विनायक राउत ने कहा, ‘शिवसेना संसदीय दल पर बगावत का कोई असर नहीं पड़ा है।’

राज्यसभा के तीनों सांसद ठाकरे के करीबी
उस्मानाबाद से लोकसभा सदस्य ओमराजे निंबालकर ने कहा कि वह ठाकरे के साथ हैं और शिवसेना प्रमुख के निर्देश पर 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में अपना वोट डालेंगे। विदर्भ क्षेत्र से शिवसेना के एक लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘विभाजन शिवसेना के विधायक दल में है, आप संसदीय इकाई को इसमें क्यों घसीटना चाहते हैं।’ राज्यसभा सांसद अनिल देसाई, संजय राउत और प्रियंका चतुर्वेदी हैं, जो सभी ठाकरे परिवार के करीबी माने जाते हैं।

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