कोरोना के नए वेरिएंट Omicron का जबर्दस्त खौफ, दुनिया भर के देशों ने लगायी यात्रा पाबंदियां

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कोविड-19 महामारी फैलने के तकरीबन 2 साल बाद दुनिया बीते दिनों सामने आए वायरस के नए वेरिएंट Omicron से जूझती नजर आ रही है।

द हेग: कोविड-19 महामारी फैलने के तकरीबन 2 साल बाद दुनिया बीते दिनों सामने आए वायरस के नए वेरिएंट Omicron से जूझती नजर आ रही है। वायरस का यह वेरिएंट टीके के जरिये मुहैया करायी जा रही सुरक्षा को विफल करने की संभावना रखता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक समिति ने कोरोना वायरस के इस नए स्वरूप को ‘ओमीक्रॉन’ नाम दिया है और इसे ‘बेहद संक्रामक चिंताजनक स्वरूप’ करार दिया है। इससे पहले इस श्रेणी में कोरोना वायरस का डेल्टा स्वरूप था जिससे यूरोप और अमेरिका के कई हिस्सों में लोगों ने बड़े पैमाने पर जान गंवाई।

दक्षिण अफ्रीकी देशों पर लगीं यात्रा पाबंदियां


कोरोना वायरस के नए वेरिएंट के सामने आने के बाद से दुनिया के विभिन्न देश दक्षिण अफ्रीकी देशों से यात्रा पाबंदियां लगा रहे हैं ताकि नए स्वरूप के प्रसार पर रोक लगाई जा सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह पर ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, ईरान, जापान, थाईलैंड, अमेरिका, यूरोपीय संघ के देशों और ब्रिटेन सहित कई देशों ने दक्षिण अफ्रीकी देशों से यात्रा पर पाबंदियां लगाई हैं। विमानों का परिचालन बंद होने के बावजूद इस तरह के साक्ष्य हैं कि यह स्वरूप फैलता जा रहा है। बेल्जियम, इजराइल और हांगकांग के यात्रियों में नए मामले सामने आए हैं। जर्मनी में भी संभवत: एक मामला सामने आया है।

जो बायडेन ने भी लिया बड़ा फैसला

हॉलैंड के अधिकारी दक्षिण अफ्रीका से आने वाले 2 विमानों में 61 यात्रियों के कोविड-19 से संक्रमित पाए जाने के बाद नए स्वरूप की जांच कर रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने नए स्वरूप के बारे में कहा, ‘ऐसा लगता है कि यह तेजी से फैलता है।’ नयी यात्रा पाबंदियों की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने फैसला किया है कि हम सतर्कता बरतेंगे। WHO ने कहा कि Omicron के वास्तविक खतरों को अभी समझा नहीं गया है लेकिन शुरुआती सबूतों से पता चलता है कि अन्य अत्यधिक संक्रामक स्वरूपों के मुकाबले इससे फिर से संक्रमित होने का जोखिम अधिक है।

WHO समेत चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस स्वरूप के बारे में विस्तारपूर्वक अध्ययन किए जाने से पहले जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देने के खिलाफ आगाह किया है। लेकिन इस वायरस से दुनियाभर में 50 लाख से अधिक लोगों की मौत के बाद लोग डरे हुए हैं। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने सांसदों से कहा, ‘हमें जल्द से जल्द हर संभव कदम उठाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।’ दक्षिणी अफ्रीका के साथ ही बेल्जियम, हांगकांग और इजराइल आने वाले यात्रियों में भी ओमीक्रॉन स्वरूप के मामले देखे गए हैं। दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों ने कहा कि अभी ऐसे कोई संकेत नहीं है कि इस स्वरूप से अधिक गंभीर रूप से बीमार पड़ सकते हैं।

कुछ संक्रमितों में कोई लक्षण नहीं दिखे

विशेषज्ञों ने कहा कि अन्य स्वरूपों की तरह कुछ संक्रमित लोगों में कोई लक्षण नहीं देखे गए हैं। हालांकि, कुछ आनुवांशिक बदलाव चिंताजनक लगते हैं लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इससे जन स्वास्थ्य को कितना खतरा है। पहले कुछ स्वरूपों जैसे कि बीटा स्वरूप ने शुरुआत में वैज्ञानिकों को चिंता में डाला था लेकिन यह इतना ज्यादा नहीं फैला था। नए स्वरूप ने दुनियाभर के शेयर बाजारों को तुरंत प्रभावित किया। एशिया, यूरोप और अमेरिका में प्रमुख सूचकांक गिर गये। जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री जेन्स स्पैन ने कहा, ‘यह नया स्वरूप कई समस्याएं पैदा करेगा।’

ओमीक्रॉन का अभी अमेरिका में कोई मामला नहीं आया है। उन्होंने कहा, हालांकि हो सकता है कि यह अन्य स्वरूप के मुकाबले अधिक संक्रामक हो और इस पर टीके का उतना असर न हो लेकिन ‘हमें अभी निश्चित रूप से कुछ नहीं पता है।’ बायडेन ने कहा कि नया स्वरूप ‘गंभीर चिंता’ का विषय है और यह स्पष्ट होना चाहिए कि जब तक दुनियाभर में टीकाकरण नहीं हो जाता तब तक महामारी खत्म नहीं होगी।

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