सिंघुु बार्डर हत्या की FIR में जोड़ा SC/ST एक्ट: सोनीपत के DSP खुद करेंगे जांच; पुलिस को निहंगों ने जो तलवार सौंपी, उससे नहीं हुआ मर्डर

सोनीपतएक घंटा पहले

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मेडिकल के लिए रात 1:30 बजे सोनीपत नागरिक अस्पताल में पहुंचा सरबजीत सिंह।

सोनीपत के सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन के पास शुक्रवार सुबह बर्बर तरीके से कत्ल किया गया लखबीर सिंह दलित समुदाय से था। ऐसे में पुलिस ने इस केस से जुड़ी एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी हैं। इस केस की जांच अब सोनीपत के डीएसपी वीरेंद्र सिंह खुद करेंगे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि शुक्रवार सुबह सिंघु बॉर्डर पर हुई हत्या से जुड़ी FIR जिस समय दर्ज की गई थी, उस समय तक मरने वाले की पहचान नहीं हुई थी। बाद में मरने वाले की पहचान लखबीर सिंह के रूप में हो गई जो दलित समुदाय से था। ऐसे में अब पहले से दर्ज FIR में जरूरी धाराएं लगाई जा रही है। निहंग सरबजीत सिंह पर भी एससी/एसटी एक्ट की धाराएं लगा दी गई हैं।

जो तलवार सौंपी, उसका मर्डर से संबंध नहीं

लखबीर सिंह की हत्या के मामले में सोनीपत पुलिस के हाथ फिलहाल सरबजीत सिंह ही लगा है। शुक्रवार को उसके सरेंडर के समय पुलिस को एक तलवार भी सौंपी गई थी। मामले के आईओ डीएसपी वीरेंद्र ने अदालत में बताया कि जो तलवार उन्हें निहंगों के डेरे में सौंपी गई, जांच में पता चला है कि उसका लखबीर के मर्डर से कोई संबंध नहीं है। सरबजीत से रिमांड के दौरान पुलिस असली मर्डर वैपन की बरामदगी करेगी।

शुक्रवार को सरेंडर से पहले मीडिया से बात करता सरबजीत सिंह।

शुक्रवार को सरेंडर से पहले मीडिया से बात करता सरबजीत सिंह।

तीन के नाम पता, बाकी को शक्ल से पहचानता है

पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में सरबजीत ने बताया कि उसके साथ मर्डर में आधा दर्जन से ज्यादा निहंग शामिल थे। इनमे से वह सिर्फ तीन के नाम जानता है। बाकी 3-4 निहंगों को वह केवल शक्ल से ही पहचानता है। पुलिस अब इन सबको गिरफ्तार करने की प्लानिंग बना रही है। इस मामले में दूसरे निहंग नारायण सिंह ने अमृतसर में सरेंडर किया है।

सीआईए थाने शिफ्ट किया, रात डेढ़ बजे कराया मेडिकल

इससे पहले शुक्रवार शाम साढ़े 6 बजे सरबजीत सिंह के सरेंडर करने के 7 घंटे बाद रात डेढ़ बजे उसे मेडिकल के लिए सिविल अस्पताल सोनीपत लाया गया। मेडिकल करवाने के बाद पुलिस टीम उसे खरखौदा थाने ले गई। वहां कुछ देर पूछताछ करने के बाद सरबजीत सिंह को अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। इससे पहले जब सरेंडर करने के बाद सरबजीत सिंह को कुंडली थाने लाया गया तो वहां रोहतक रेंज के आईजी संदीप खिरवार, डीसी ललित सिवाच और एसपी जश्नदीप रंधावा मौजूद थे। तीनों अधिकारियों ने सरबजीत से कुछ सवाल पूछे और जांच अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। सरबजीत की सुरक्षा के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कुंडली थाना किसान आंदोलन स्थल और निहंगों के डेरे से मात्र 200 मीटर दूर था इसलिए उसे रात में थाने में ही रखा जाए या नहीं? इस पर माथापच्ची काफी देर चली। अंत में सरबजीत सिंह को रात में ही सीआईए थाने पहुंचा दिया गया। वहां कई घंटे की पूछताछ के बाद रात डेढ़ बजे पुलिस टीम मेडिकल के लिए उसे लेकर सोनीपत सिविल अस्पताल पहुंची। यहां डॉक्टर के कमरे के बाहर बैठा सरबजीत नींद में ऊंघता दिखाई दिया। मेडिकल के बाद पुलिस उसे खरखौदा थाने ले गई।

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