Gyanvapi survey report : ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट पर सस्पेंस, कोर्ट कमिश्नर ने दो दिनों का वक्त मांगा, वाराणसी कोर्ट में सुनवाई

Gyanvapi survey report- India TV Hindi
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Gyanvapi survey 

Highlights

  • ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट के लिए कोर्ट कमिश्नर ने दो दिनों का वक्त मांगा
  • अदालत ने रिपोर्ट पेश करने की तारीख 17 मई मुकर्रर की थी

Gyanvapi Survey Report :  ज्ञानवापी (Gyanvapi) की सर्वे रिपोर्ट आज वाराणसी कोर्ट में पेश होने पर सस्पेंस बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक अभी सर्वे (Survey Report ) रिपोर्ट तैयार करने में वक्त लगेगा इसलिए कोर्ट कमिश्नर ने अदालत से दो दिनों का वक्त मांगा है। आज इस मामले पर दोपहर दो बजे वाराणसी कोर्ट में सुनवाई होगी। जिसके बाद यह साफ हो जाएगा कि कोर्ट कमिश्नर को रिपोर्ट पेश करने के लिए कितना समय मिलता है।

दरअसल, तीन दिनों तक चले सर्वे के दौरान हर तथ्य को शामिल कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में समय लग रहा है। इसी वजह से आज कोर्ट से यह दरख्वास्त की जाएगी की ज्ञानवापी सर्वे की रिपोर्ट पेश करने के लिए दो दिनों की और मोहलत दी जाए। अब सारी निगाहें वाराणसी कोर्ट पर टिकी हैं कि वह इस संबंध में क्या आदेश देता है। अगर कोर्ट कमिश्नर को रिपोर्ट पेश करने के लिए दो दिनों की मोहलत मिल जाती है तो फिर यह रिपोर्ट 19 मई को पेश होगी।

फिलहाल पूरी तरह से तैयार नहीं है रिपोर्ट 

सहायक एडवोकेट अजय प्रताप सिंह ने मंगलवार ने कहा, “अदालत के आदेश के अनुसार, 14 से 16 मई के बीच सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का वीडियोग्राफी-सर्वे कार्य किया गया। 17 मई को सर्वे से संबंधित रिपोर्ट अदालत में पेश की जानी थी।” हालांकि, उन्होंने आगे कहा, “हम आज (मंगलवार) अदालत में रिपोर्ट नहीं जमा कर रहे हैं, क्योंकि यह तैयार नहीं है। हम अदालत से दो-तीन दिन का अतिरिक्त समय मांगेंगे। अदालत जो भी समय देगी, हम उसमें रिपोर्ट पेश करेंगे।” 

हिंदू पक्ष के वकीलों ने शिवलिंग मिलने का किया दावा

इससे पहले, हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने सोमवार को दावा किया था कि अदालत द्वारा अनिवार्य वीडियोग्राफी-सर्वे कार्य के दौरान मस्जिद परिसर में एक शिवलिंग पाया गया है। एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को हिंदू पक्ष की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई करते हुए ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के उस हिस्से को सील करने का आदेश दिया था, जहां कथित तौर पर शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है।

वजू खाने के अंदर फव्वारा लगाए जाने की परंपरा 

उधर, ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करने वाली कमेटी के एक सदस्य ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा था, “मुगल काल की मस्जिदों में वजू खाने के अंदर फव्वारा लगाए जाने की परंपरा रही है। उसी का एक पत्थर आज सर्वे में मिला है, जिसे शिवलिंग बताया जा रहा है।” अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव सैयद मोहम्मद यासीन ने आरोप लगाया था कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर द्वारा आदेश जारी करने से पहले मस्जिद प्रबंधन का पक्ष नहीं सुना गया।

इनपुट-भाषा

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