Uttar Pradesh: 12 साल का एक लड़का बना ADG प्रयागराज, अधिकारियों ने किया उसके अंडर में काम

Harsh Dubey- India TV Hindi
Image Source : TWITTER/@ADGZONPRAYAGRAJ
Harsh Dubey

Highlights

  • कैंसर से पीड़ित है हर्ष
  • 2 सालों से चल रहा है इलाज
  • 1 दिन के लिए बनाया गया ADG प्रयागराज

Uttar Pradesh: कहते हैं कि कोई बीमार व्यक्ति तब तक स्वस्थ नहीं हो सकता, जब तक उसका मनोबल न हो। अपने मन की शक्ति को दुनिया की सबसे मजबूत ताकत और शक्ति माना जाता है। डॉक्टर भी अपने मरीजों को तमाम जतनों से ठीक करने की कोशिश करते हैं। वे दवा क्ले साथ-साथ कुछ ऐसा करने का प्रयास करते हिं, जिससे रोगी जल्द स्वस्थ हो सके। कुछ ऐसा ही किया गया उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में। जहां एक मरीज को स्वस्थ करने के लिए उसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बनाकर पूरे क्षेत्र की कमान उसे सौंप दी गई। 

मामला उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का है। यहां हर्ष नामक युवक रहता है। वह जन्म से ही दिव्यांग था। अभी क्लास 6 में पढ़ रहा है, लेकिन उसे कैंसर है। पिता सनाज्य दुबे ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार और उसके इलाज और दवाई का इंतजाम करते हैं। 2 साल पहले उन्हें पता चलता है कि हर्ष को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी है तो वे उसे कमला नेहरू अस्पताल में ले जाते हैं, जहां हर्ष का इलाज चल रहा है।

1 दिन के लिए बनाया गया ADG 

पिछले दो सालों से हर्ष का कमला नेहरू के डॉक्टर बी पॉल, डॉक्टर राधा रानी घोष और सर्जन डॉक्टर विशाल केवलानी के नेतृत्व में हो रहा है। उनके अनुसार दवा और इलाज का असर तो हो रहा था, लेकिन हर्ष का मनोबल मजबूत नहीं था। हर्ष का पुलिस में भर्ती होना सपना था तो उन्होंने सोचा क्यों न हर्ष को एक दिन के लिए पुलिस अधिकारी बनवाया जाए। जिससे हर्ष गौरवान्वित महसूस करें और इसी के चलते आज एडीजी प्रेम प्रकाश ने हर्ष को 1 दिन का एडीजी बनाया।

कई आदेशों के कागजों पर साइन भी किए 

अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) जोन प्रयागराज प्रेम प्रकाश ने बताया कि हर्ष का हौसला बढ़ाने के लिए उसे बॉडी किट देने के साथ साथ एक दिन का एडीजी प्रयागराज भी बनाया। हर्ष भी एक वरिष्ठ अधिकारी की तरह आज एडीजी ऑफिस में बैठकर पुलिस व्यवस्था को समझा व कई डॉक्यूमेंट पर सिग्नेचर भी किए। 

कैंसर का इलाज संभव 

हर्ष का इलाज कर रहे डॉक्टर पॉल ने कहा कि कैंसर मरीजों की हिम्मत की बहुत जरुरत होती है। कैंसर लाइलाज बीमारी तो है लेकिन अगर सही से इलाज हो और पेशेंट के अंदर हिम्मत हो तो लाइलाज बीमारी का इलाज भी संभव हुआ है।

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