Visa Scam: चीनी वीजा घोटाला में पूछताछ के लिए सीबीआई मुख्यालय पहुंचे कार्ति चिदंबरम, बोले- कोई गलत काम नहीं किया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 26 May 2022 08:53 AM IST

सार

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि मैंने एक भी चीनी नागरिक को वीजा दिलाने में मदद नहीं की है।

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पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे व कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। चीनी वीजा घोटाला में पूछताछ के लिए वे आज सीबाआई मुख्यालय पहुंचे हैं जहां उनसे कई जटिल सवाल पूछे जा सकते हैं। हालांकि, सीबीआई दफ्तर पहुंचने से पहले वे मीडिया से भी मुखातिब हुए और अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि मैंने एक भी चीनी नागरिक को वीजा दिलाने में मदद नहीं की है। बता दें कि इससे पहले वह आईएनएक्स मीडिया मामले में जेल जा चुके हैं।

ईडी ने भी बुधवार को दर्ज किया था केस
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2011 में 263 चीनी नागरिकों के वीजा बनाने से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम व अन्य के खिलाफ बुधवार को केस दर्ज कर लिया। इस मामले में बीते दिनों कार्ति व उनके पिता पूर्व वित्त व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के आवास पर सीबीआई द्वारा छापे मारे गए थे। 

यह है मामला
आरोप है कि 2011 में जब कार्ति के पिता पी चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे तब पंजाब में काम कर रही एक चीनी कंपनी के लोगों को कथित तौर पर अवैध तरीके से वीजा (Visa) दिलवाया गया था। मामले में कार्ति के करीबी भास्कर रमन के जरिए रिश्वत की रकम की हेराफेरी की गई। चीनी कंपनी के लोगों ने रमन के जरिए ही कार्ति से संपर्क साधा था। मामले में सीबीआई ने रमन को गिरफ्तार कर लिया है। वह सीबीआई रिमांड पर हैं। कार्ति चिदंबरम को भी सीबीआई के सामने आज पेश होना था, लेकिन वह पेश नहीं हुए। 

सीबीआई द्वारा दायर एफआईआर में क्या?
वीजा घोटाला मामला कार्ति और उनके करीबी एस भास्कररमन को वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) के एक शीर्ष अधिकारी द्वारा रिश्वत के रूप में दिए जाने के आरोपों से जुड़ा है। यह कंपनी पंजाब में एक बिजली संयंत्र स्थापित कर रही थी। सीबीआई के मुताबिक, बिजली परियोजना की स्थापना का काम एक चीनी कंपनी कर रही थी और यह काम समय से पीछे चल रहा था।

विस्तार

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे व कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। चीनी वीजा घोटाला में पूछताछ के लिए वे आज सीबाआई मुख्यालय पहुंचे हैं जहां उनसे कई जटिल सवाल पूछे जा सकते हैं। हालांकि, सीबीआई दफ्तर पहुंचने से पहले वे मीडिया से भी मुखातिब हुए और अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि मैंने एक भी चीनी नागरिक को वीजा दिलाने में मदद नहीं की है। बता दें कि इससे पहले वह आईएनएक्स मीडिया मामले में जेल जा चुके हैं।

ईडी ने भी बुधवार को दर्ज किया था केस

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2011 में 263 चीनी नागरिकों के वीजा बनाने से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम व अन्य के खिलाफ बुधवार को केस दर्ज कर लिया। इस मामले में बीते दिनों कार्ति व उनके पिता पूर्व वित्त व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के आवास पर सीबीआई द्वारा छापे मारे गए थे। 

यह है मामला

आरोप है कि 2011 में जब कार्ति के पिता पी चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे तब पंजाब में काम कर रही एक चीनी कंपनी के लोगों को कथित तौर पर अवैध तरीके से वीजा (Visa) दिलवाया गया था। मामले में कार्ति के करीबी भास्कर रमन के जरिए रिश्वत की रकम की हेराफेरी की गई। चीनी कंपनी के लोगों ने रमन के जरिए ही कार्ति से संपर्क साधा था। मामले में सीबीआई ने रमन को गिरफ्तार कर लिया है। वह सीबीआई रिमांड पर हैं। कार्ति चिदंबरम को भी सीबीआई के सामने आज पेश होना था, लेकिन वह पेश नहीं हुए। 

सीबीआई द्वारा दायर एफआईआर में क्या?

वीजा घोटाला मामला कार्ति और उनके करीबी एस भास्कररमन को वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) के एक शीर्ष अधिकारी द्वारा रिश्वत के रूप में दिए जाने के आरोपों से जुड़ा है। यह कंपनी पंजाब में एक बिजली संयंत्र स्थापित कर रही थी। सीबीआई के मुताबिक, बिजली परियोजना की स्थापना का काम एक चीनी कंपनी कर रही थी और यह काम समय से पीछे चल रहा था।

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