लुधियाना में CM मान का विरोध: असिस्टेंट प्रोफेसरों और लाइब्रेरियंस से पुलिस की धक्का-मुक्की, महिलाओं की चुनरियां फाड़ी

लुधियानाएक मिनट पहले

लुधियाना में सोमवार को प्रदर्शनकारियों को रोकती पुलिस।

आजादी के 75 साल पूरे होने पर ध्वजारोहण के लिए पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का सोमवार को लुधियाना में ​​​​​​​विरोध हुआ। सुबह से पुलिस सड़कों पर थी क्योंकि उसे डर था कि कहीं कोई CM के काफिले में बाधा न डाल दे। इसी बीच 1158 असिस्टेंट प्रोफेसरों और लाइब्रेरियन फ्रंट के सदस्यों ने फिरोजपुर रोड पर मोर्चा खोल दिया।

असिस्टेंट प्रोफेसर और लाइब्रेरियन फ्रंट के 200 से ज्यादा सदस्यों ने काले झंडे लेकर गुरुनानक स्टेडियम के लिए कूच किया जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान को राष्ट्रीय ध्वज फहराना था। इन लोगों के प्रदर्शन को देखते हुए लगभग 100 पुलिसवाले तैनात किए गए थे। पुलिस अधिकारियों ने काले झंडे लेकर आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को किसी तरह गुरुनानक भवन के पास रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस मुलाजिमों की झड़प हो गई।

प्रदर्शनकारियों और पुलिस मुलाजिमों धुक्का-मुक्की काफी देर चलती रही। इसके बाद पुलिस ज्यादातर प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर सराभा नगर थाने ले गई। प्रदर्शन में शामिल कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस वालों ने धक्का-मुक्की दौरान उनकी चुनरियां फाड़ दीं।

लुधियाना में प्रदर्शन कर रही महिलाओं से घसीटती पुलिस।

लुधियाना में प्रदर्शन कर रही महिलाओं से घसीटती पुलिस।

पटियाला से धरना देने लुधियाना आई तजिंदर कौर ने कहा कि सरकार उनसे धक्केशाही कर रही है। वह मेहनत करके और परीक्षा पास देकर आगे आए हैं लेकिन सरकार उन्हें बेरोजगार कर रही है। पटियाला के महिंद्रा कॉलेज में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत जोधां सिंह ने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर और लाइब्रेरियन फ्रंट की भर्तियां सरकार ने रद्द कर दी हैं। जिन कॉलेजों में प्रोफेसर काम कर रहे थे, उन्हें वहां से हटाया जा रहा है।

जोधां सिंह ने कहा कि उनका मामला कोर्ट में लंबित रहा जहां सही तरह पैरवी नहीं की गई। इसी वजह से बीती 8 अगस्त को कोर्ट ने 30 सेकेंड में 1158 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती रद्द करने का ऑर्डर पास कर दिया। इस फैसले से उनके घरों का चूल्हा बुझ गया है। जब तक हाईकोर्ट के सिंगल बैंच के आदेश को डबल बैंच में चुनौती नहीं दी जाती, वह विरोध जारी रखेंगे।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वह लगातार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलने का समय मांग रहे हैं लेकिन उन्हें समय नहीं दिया जा रहा। इससे पहले तकरीबन 100 प्रदर्शनकारियों को सराभा नगर थाना ले जाया गया जबकि कुछ लोगों को पंजाबी भवन में बंद कर दिया गया।

भगवंत मान के राज में महिलाओं पर अत्याचार

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि एक तरफ पंजाब के CM भगवंत मान महिलाओं को शिक्षित करने या सम्मान देने की बात कर रहे हैं और दूसरी तरफ उन्हीं के राज में महिलाओं पर पुलिस अत्याचार कर रही है। महिलाओं की चुनरियां फाड़ रही है। आज यदि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है तो उसे लोगों ने बनाया है। अब ये सरकार आम आदमी की न रहकर खास लोगों की हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान लोगों की पहुंच से दूर हो चुके हैं।

Source link